टाइम्स नाउ मध्य प्रदेश डिजिटल पियूष शर्मा मुलताई
नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर चला लंबा विवाद आखिरकार मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर के फैसले के साथ खत्म हो गया। हाईकोर्ट ने 06 अप्रैल 2026 को दिए अपने आदेश में वर्ष 2022 में हुए अध्यक्ष चुनाव को वैध ठहराते हुए नीतू परमार को पुनः अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने की अनुमति दे दी है।
यह मामला वर्ष 2022 के नगर पालिका चुनाव से जुड़ा है, जिसमें 15 पार्षदों में से नीतू परमार को 9 मत प्राप्त हुए थे, जबकि उनके प्रतिद्वंदी को 6 मत मिले थे। परिणाम घोषित होने के बाद चुनाव को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की गई।
मामले की सुनवाई फर्स्ट डिस्ट्रिक्ट जज, मुल्ताई द्वारा गठित निर्वाचन न्यायाधिकरण में हुई। 13 जून 2023 को ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में चुनाव को अवैध घोषित करते हुए निरस्त कर दिया और पुनः चुनाव कराने के निर्देश दिए। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा था कि कुछ मतपत्रों पर पहचान चिन्ह पाए गए हैं तथा विपक्षी पार्षदों के समर्थन को संदिग्ध मानते हुए इसे भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में रखा।

इस आदेश के खिलाफ नीतू परमार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सिविल रिवीजन (क्रमांक 464/2023) दायर किया। यहीं से मामला एक तकनीकी पेच में फंस गया। नियम 19(2), मध्यप्रदेश नगरपालिका (निर्वाचन याचिका) नियम 1962 के अनुसार रिवीजन दायर करते समय ₹250 की सुरक्षा राशि जमा करना आवश्यक है। नीतू परमार ने रिवीजन 1 जुलाई 2023 को दायर किया, जबकि सुरक्षा राशि 3 जुलाई 2023 को जमा की गई। इसी आधार पर प्रारंभिक स्तर पर हाईकोर्ट ने रिवीजन को अपूर्ण मानते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां 27 अक्टूबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि मामले को तकनीकी आधार पर नहीं बल्कि मेरिट पर सुना जाए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पुनः सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूरे प्रकरण का परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि जिन चिन्हों को पहचान चिन्ह बताया गया था, वे वास्तव में स्याही के सामान्य धब्बे और पेन के निशान थे, जो सभी मतपत्रों पर स्वाभाविक रूप से मौजूद थे। अतः इन्हें पहचान चिन्ह मानना उचित नहीं है। भ्रष्ट आचरण के आरोपों पर भी न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष का चुनाव पार्टी आधार पर नहीं होता। चूंकि विपक्षी दल का कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं था, इसलिए उनके पार्षदों द्वारा मतदान करना स्वाभाविक प्रक्रिया है और इसे अवैध नहीं माना जा सकता।

साथ ही न्यायालय ने यह भी माना कि नियम 19(2) हाईकोर्ट की प्रक्रिया पर बाध्यकारी नहीं है, क्योंकि यह मूल अधिनियम—मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961—से मेल नहीं खाता। अंततः हाईकोर्ट ने निर्वाचन न्यायाधिकरण के 13 जून 2023 के आदेश को निरस्त करते हुए नीतू परमार के निर्वाचन को वैध घोषित किया और उन्हें पुनः अध्यक्ष पद ग्रहण करने की अनुमति प्रदान की। मुल्ताई नगर पालिका में पिछले साढ़े तीन वर्षों में पांच बार अध्यक्ष पद पर बदलाव हो चुका है। ऐसे में एक ही कार्यकाल में नीतू परमार का तीसरी बार अध्यक्ष बनना स्थानीय राजनीति में एक असामान्य और उल्लेखनीय घटना माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर द्वारा मुल्ताई नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर दिए गए फैसले के बाद मंगलवार को नीतू परमार नगर पालिका कार्यालय पहुंचीं और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को न्यायालय के आदेश की प्रति सौंपी। इसके साथ ही अध्यक्ष पद का पुनः कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ज्ञात हो कि वर्ष 2022 में हुए नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में नीतू परमार निर्वाचित घोषित की गई थीं। इसके खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए 13 जून 2023 को निर्वाचन न्यायाधिकरण, मुल्ताई ने उनके चुनाव को निरस्त कर दिया था और पुनः चुनाव कराने के निर्देश दिए थे।
इस आदेश को चुनौती देते हुए नीतू परमार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सिविल रिवीजन क्रमांक 464/2023 प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 06 अप्रैल 2026 को अपना निर्णय सुनाते हुए सिविल रिवीजन को स्वीकार कर लिया तथा अन्य संबंधित याचिकाओं को अमान्य मानते हुए खारिज कर दिया। न्यायालय ने निर्वाचन न्यायाधिकरण के 13 जून 2023 के आदेश को निरस्त करते हुए नीतू परमार के निर्वाचन को वैध ठहराया और उन्हें पुनः अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने की अनुमति प्रदान की।
हाईकोर्ट के निर्णय के अनुपालन में नीतू परमार ने आदेश की प्रमाणित प्रति नगर पालिका कार्यालय में प्रस्तुत की। इस दौरान उनके समर्थक एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यालय स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
मुल्ताई मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी
न्यायालय के आदेश प्रति प्राप्त हो गई है। आदेश को आगे आवश्यक कार्रवाई हेतु मुख्य परियोजना अधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है तथा आगामी निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
