जिला बैतूल
टाइम्स नाउ मध्यप्रदेश विशेष संवादाता मनोहर अग्रवाल बैतूल :
मुलताई में 10 वर्षीय नाबालिग बालिका से कथित दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार पिता द्वारा पुलिस अभिरक्षा में फांसी लगाने का प्रयास किए जाने से पूरा मामला और अधिक गंभीर हो गया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक आरोपी की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पहले दुष्कर्म के आरोप, फिर अभिरक्षा में आत्महत्या का प्रयास
जानकारी के अनुसार 26 फरवरी 2026 को डायल 112 पर बालिका की मां ने सूचना दी थी कि उसका पति उनकी बेटी को कमरे में बंद कर गलत कृत्य कर रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को मुक्त कराया और आरोपी को गिरफ्तार किया।
पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। नाबालिग ने आरोप लगाया कि उसके साथ लंबे समय से दुष्कर्म किया जा रहा था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
हिरासत में सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न
इसी बीच आरोपी द्वारा पुलिस अभिरक्षा में फांसी लगाने का प्रयास किए जाने की घटना ने नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह उठता है कि —
क्या हिरासत में निगरानी पर्याप्त थी?
क्या आरोपी पर विशेष नजर रखी जा रही थी?
क्या थाने में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ?
हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी को तुरंत नीचे उतारकर अस्पताल भेजा गया और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
दोहरी संवेदनशीलता का मामला
एक ओर मासूम बच्ची के साथ कथित जघन्य अपराध, तो दूसरी ओर पुलिस अभिरक्षा में आत्महत्या का प्रयास — यह मामला सामाजिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चिंता का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की है।
फिलहाल आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति पर आधिकारिक चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार है। नाबालिग की पहचान गोपनीय रखी गई है और मामले की विवेचना जारी है।


