मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य की मोहन सरकार ने भावांतर भुगतान योजना–2025 के तहत सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी रखी है। 19 नवंबर को सरकार ने 4263 रुपए प्रति क्विंटल का ताज़ा मॉडल रेट घोषित किया है। यह रेट उन किसानों पर लागू होगा, जिन्होंने अपनी उपज को अधिकृत मंडी प्रांगणों में विक्रय किया है। इसी मॉडल रेट के आधार पर किसानों को भावांतर राशि का भुगतान किया जाएगा।
मॉडल रेट में हर दिन बढ़ोतरी
सरकार ने 7 नवंबर से अब तक सोयाबीन के मॉडल रेट में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की है।
पहला मॉडल रेट 4020 रुपए प्रति क्विंटल था, जो 18 नवंबर तक बढ़ते-बढ़ते 4255 रुपए तक पहुंचा और 19 नवंबर को यह 4263 रुपए हो गया।
इस बढ़ते मॉडल रेट का सीधा अर्थ यह है कि मंडियों में सोयाबीन का बाजार भाव ऊपर जा रहा है।
किसानों को MSP की पूरी गारंटी
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को हर हाल में 5328 रुपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलेगा।
यदि बाजार मूल्य MSP से कम रहा, तो उसका पूरा अंतर राज्य सरकार भावांतर योजना के तहत वहन करेगी। मॉडल रेट पिछले 14 दिनों के बाजार भाव का भारित औसत होता है, जिसके आधार पर सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करती है।

किसानों को सीधा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 नवंबर को ही योजना के तहत 1.33 लाख किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की है।
पिछले साल की तुलना में इस बार किसानों को लगभग 500 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है, जिससे बाजार में सोयाबीन की कीमत 5300 रुपए से अधिक दर्ज की जा रही है।
9.36 लाख किसानों ने कराया पंजीयन
भावांतर योजना–2025 के तहत 3 से 17 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश भर के 9.36 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया।
उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा और सागर ऐसे जिले हैं जहां 50–50 हजार से ज्यादा किसानों ने पंजीयन कराया है। प्रदेश के 21 जिलों में 10–10 हजार से अधिक किसान योजना से जुड़े हैं।
सोयाबीन विक्रय की अवधि 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है।
मंडी व्यापार को भी मिला सहारा
भावांतर योजना से जहां किसानों को MSP का भरोसा मिला है, वहीं व्यापारियों को भी मंडियों में कारोबार की स्थिरता प्राप्त हुई है। उपार्जन प्रणाली से प्रभावित होने वाले व्यापार में अब नियमितता लौटी है।
हेल्पलाइन सेवा 30 अक्टूबर से सक्रिय
योजना के सुचारू संचालन के लिए सरकार ने भावांतर हेल्पलाइन भी शुरू की है।
किसान, व्यापारी और मंडी से जुड़े अधिकारी किसी भी समस्या या जानकारी के लिए हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं।
हेल्पलाइन नंबर: 0755–2704555
समय: प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक
यह सेवा योजना अवधि तक लगातार सक्रिय रहेगी।

