टाइम्स नाउ मध्यप्रदेश न्यूज़ डेस्क
मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को सिराली नगर परिषद में अमृत 2.0 नल कनेक्शन योजना के तहत घटिया पाइप लाइन बिछाने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक अभिजीत शाह ने आरोप लगाया कि सिराली में अमृत योजना के कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है और घटिया पाइप लाइन बिछाई गई है। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच की मांग की।
इस पर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा कि परियोजना की कुल लागत 7 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें अभी तक केवल 10 प्रतिशत यानी करीब एक करोड़ रुपये का ही काम हुआ है।
उन्होंने कहा, “काम की गुणवत्ता की जांच के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी मौजूद है। समय सीमा के भीतर काम पूरा होगा और आवश्यक होने पर उच्च अधिकारियों से जांच करवाई जाएगी।”

टिमरनी भ्रष्टाचार पर FIR न होने का मुद्दा भी उठ
सिराली के मुद्दे पर जवाब मिलने के बाद विधायक अभिजीत शाह ने टिमरनी के भ्रष्टाचार का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि टिमरनी में भी इसी प्रकार की अनियमितताएँ सामने आई थीं और जांच में अधिकारी दोषी पाए गए थे, लेकिन आज तक FIR दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने सरकार पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने के आरोप लगाए।
ऑडिटोरियम के स्थान पर गीता भवन निर्माण के निर्देश
विधायक सोहन वाल्मीकि ने परासिया विधानसभा क्षेत्र के चांदमता नगर में ऑडिटोरियम निर्माण और मोक्षधाम के सुंदरीकरण के संबंध में सवाल पूछा।
इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया:
- ऑडिटोरियम की जगह गीता भवन निर्माण के निर्देश जारी किए गए हैं।
- मंत्री ने कहा कि ऑडिटोरियम का संचालन और रखरखाव महंगा होता है, जबकि गीता भवन का रखरखाव कम खर्चीला होता है।
- उन्होंने मोक्षधाम के सुंदरीकरण के लिए राशि स्वीकृत करने का आश्वासन भी दिया।
विधायक वाल्मीकि ने कहा कि चाहे ऑडिटोरियम बने या गीता भवन, निर्माण स्थानीय लोगों की सुविधा के अनुसार होना चाहिए।
धामनोद में डीजल भुगतान विवाद पर सीएमओ को हटाने की बा
विधायक कालू सिंह ठाकुर ने धार जिले की धामनोद नगर परिषद में डीजल भुगतान को लेकर शिकायत उठाई और आरोप लगाया कि इस मामले में सीएमओ की भूमिका संदिग्ध है।
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि धामनोद के विकास में यदि सीएमओ बाधा बने तो उन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
उदय नगर को नगर परिषद बनाने पर भी हुई चर्चा
भाजपा विधायक मुरली भंवरा ने ग्राम पंचायत उदय नगर को नगर परिषद का दर्जा देने का प्रश्न उठाया।
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि—
- नगर परिषद के लिए 20,000 मतदाता जरूरी हैं,
- जबकि उदय नगर में केवल 3,000 मतदाता हैं,
- पूरा क्षेत्र ट्राइबल है और 50% शहरी आबादी का मानक भी पूरा नहीं होता।
फिर भी उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास के लिए जो भी संभव होगा, किया जाएगा।
प्रमुख विषयों पर ध्यानाकर्षण लगाए गए हैं, उनमें भोपाल के राजीव गांधी विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं का मामला, सिंगरौली जिले में वनों की अवैध कटाई का मुद्दा, रतलाम के निजी स्कूल में छात्र द्वारा आत्महत्या प्रयास प्रकरण, 108 आपातकालीन सेवा के समय पर उपलब्ध न होने पर ध्यानाकर्षण, एमवाय अस्पताल में चूहों द्वारा नवजात को कुतरने से मौत के बाद की स्थितियां, मैहर के अमरपाटन क्षेत्र में बाणसागर परियोजना के पुनर्वास ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग, मौसम आधारित उद्यानिकी फसलों के बीमा भुगतान में कमी को लेकर ध्यानाकर्षण, जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति पर सवाल, टीकमगढ़ जिले में शासकीय राशि से बने भवनों के हैंडओवर में देरी का मामला, राज्य में विभाजित भूखंडों की अनुज्ञा रोकने का मुद्दा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका सेवा नीति में संशोधन की मांग, किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने हेतु वित्तीय व्यवस्था समेत अन्य विषय है।


