मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जुन्नारदेव जनपद पंचायत के पास एक बड़ा निर्माण घोटाला सामने आया है। सरकारी रिकॉर्ड में जिस स्थान पर मंदिर मौजूद है, वहां योजना अधिकारियों द्वारा सामुदायिक भवन का निर्माण पूरा दिखा दिया गया, जबकि वास्तविक रूप से मौके पर सिर्फ अधूरा ढांचा ही पाया गया। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 24 लाख रुपये की मंजूरी दी गई थी। इसमें से 17 लाख रुपये खर्च होना दर्ज किया गया, लेकिन जमीन पर जो संरचना मिली, वह इस खर्च का कहीं से भी मेल नहीं खाती। निर्माण स्थल पर केवल 15 खंभों का अधूरा ढांचा खड़ा मिला, जिसमें न दीवारें बनी हैं, न छत का काम पूरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से यहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं हुआ है, फिर भी रिकॉर्ड में भवन को पूरा बना हुआ दिखाया जा रहा था।
मामला प्रकाश में आने के बाद जिले के कलेक्टर हरेंद्र नारायण सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने संबंधित योजना अधिकारी को नोटिस जारी किया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही, दोषी पाए जाने पर राशि की वसूली की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि सभी दस्तावेजों, भुगतान की रसीदों और निर्माण स्थल का मिलान किया जाएगा। यदि रकम का दुरुपयोग सिद्ध होता है, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घोटाले ने जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच पारदर्शी तरीके से की जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं में होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके।

