टाइम्स नाउ मध्य प्रदेश संवादाता पियूष शर्मा भोपाल
देशभर में तेजी से फैल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी के काले कारोबार पर अब केंद्र सरकार सख्त ऐक्शन के मूड में आ गई है। बीते 6 अप्रैल को TimesNowMadhypradesh में हमने सबसे पहले खबर प्रकाशित की थी कि कैसे विदेशी कंपनियां—जैसे 1xBet, Parimatch, Dafabet, Lotus365 आदि—कानूनी खामियों का फायदा उठा कर भारतीय युवाओं की जेब और भविष्य दोनों से खिलवाड़ कर रही हैं। अब इसी मसले पर केंद्र ने बड़ा कदम बढ़ाते हुए संसद में सशक्त कानून लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
क्या है नया प्रस्तावित कानून?
सरकार ने सख्त संकेत दिए हैं कि नया बिल पास होते ही ऑनलाइन सट्टेबाजी, रियल मनी गेमिंग, स्किल गेम्स, फैंटेसी लीग, लॉटरी, पोकर, रमी समेत सभी प्रकार के डिजिटल जुए व गेमिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध (‘टोटल बैन’) लगाया जाएगा।
- किसी भी तरह की छूट—चाहे वह स्किल गेम्स के नाम पर हो या विदेशी लाइसेंसिंग का सहारा हो—बिल्कुल नहीं मिलेगी।
- कानून का उल्लंघन करने वालों पर जेल व भारी जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।
- RBI, बैंक, UPI, डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ऐसे सभी लेनदेनों पर रोक के लिए भी सिस्टम मजबूत किया जाएगा।
- विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन और ब्रांडिंग पर पूरी तरह नकेल कसी जाएगी; उल्लंघन की स्थिति में सेलेब्रिटीज और आयोजकों पर भी बड़ा ऐक्शन होगा।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?
भारत में हर साल हजारों करोड़ रुपये सट्टेबाजी और अवैध ऑनलाइन गेमिंग में डूब जाते हैं और देश के करोड़ों युवा इसकी चपेट में आ चुके हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर क्राइम की घटनाओं में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है।
हमारी 6 अप्रैल की खबर के ठीक बाद सरकार पर सख्त कानून लाने की मांग तेज़ हुई थी, जिसका अब असर दिख रहा है।
निष्कर्ष एवं अगला कदम
संसद के आगामी सत्र में यह नया बिल पेश होने की संभावना है, जिसके बाद भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा। अगर यह कानून लागू हुआ, तो विदेशी कंपनियों के इस जुए के जाल से देश के युवाओं और अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी।
(यह खबर TimesNowMadhypradesh द्वारा 6 अप्रैल को सर्वप्रथम उठाई गई थी, जो आज राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुकी है।)

