भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में बीते दो वर्षों के दौरान विकास का ऐसा परिदृश्य बना है, जिसकी साक्षी स्वयं प्रदेश की जनता है। उन्होंने दावा किया कि अल्प कार्यकाल में ही राज्य सरकार ने दशकों पुरानी चुनौतियों को समाप्त करते हुए विकास की नई दिशा तय की है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में “विकास और सेवा के दो साल” विषय पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
बीते दो वर्षों में हुआ विकास अद्भुत और अकल्पनीय है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते दो वर्षों में हुआ विकास अद्भुत और अकल्पनीय है। सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उन्होंने मध्यप्रदेश का पूरी तरह नक्सलमुक्त होना बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1988-90 से प्रदेश में नक्सल गतिविधियों की शुरुआत हुई थी, जिसने विकास में बड़ी बाधा उत्पन्न की। कई बार पुलिस वाहनों को जलाया गया और जनप्रतिनिधियों की हत्या तक हुई। लेकिन केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति से तय समय-सीमा के भीतर मध्यप्रदेश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया।

बीते 42 दिनों के भीतर 42 नक्सलवादियों ने आत्मसमर्पण
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सलियों के एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़) में बीते 42 दिनों के भीतर 42 नक्सलवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। इसके साथ ही 10 नक्सलियों को मुठभेड़ों में ढेर किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नक्सलियों के पुनर्वास के लिए प्रभावी नीति बनाई है, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। साथ ही ऐसा तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में नक्सल गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस बल की सराहना करते हुए कहा कि हमारे बहादुर अधिकारियों और जवानों ने अद्भुत प्रतिबद्धता दिखाई। कई अधिकारियों ने स्वयं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी मांगी और अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया। इस अभियान में कुछ जवानों ने सर्वोच्च बलिदान भी दिया, जिन्हें प्रदेश कभी नहीं भूलेगा।
विकास कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों के बीते दो वर्षों के कार्यों की समीक्षा की है और आगामी तीन वर्षों के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास और सेवा के संकल्प के साथ सरकार आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना को प्रदेश के लिए गेम चेंजर बताया। केन-बेतवा परियोजना के साथ-साथ पीकेसी और ताप्ती मेगा ग्राउंड वाटर रिचार्ज परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसके अंतर्गत मंदाकिनी–चित्रकूट उप परियोजना से क्षेत्र में जल उपलब्धता और बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां भी अब भारत और मध्यप्रदेश के लिए अनुकूल हो रही हैं, और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।

