टाइम्स नाउ मध्यप्रदेश न्यूज़ डेस्क भोपाल :
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से विधिवत प्रारंभ हो गया। सत्र की शुरुआत राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन के साथ हुई, जिसके बाद राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने विधानसभा को संबोधित किया। उनके अभिभाषण के साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष की नीतियों और योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई।
कांग्रेस विधायक चौधरी बोले- किसानों को मिलने वाली राशि ऊंट के मुंह में जीरा
कांग्रेस विधायक सुजीत सिंह चौधरी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 1.60 लाख किसानों को बाहर किए जाने पर कहा कि सरकार धीरे-धीरे लाभार्थियों की संख्या घटा रही है।

मंत्री एदल सिंह कंसाना बोले- योजना से कोई बाहर नहीं हुआ
एदल सिंह कंसाना ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से किसी भी किसान को बाहर नहीं किया गया है।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की विकास यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी तथा आने वाले समय में निर्धारित लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया। सरकार का ध्यान अधोसंरचना विकास, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर केंद्रित रहने की बात कही गई।
राज्यपाल के अभिभाषण के पश्चात सदन में कृतज्ञता प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा विभिन्न प्रमुख हस्तियों और जनप्रतिनिधियों के निधन का उल्लेख करते हुए पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की तथा अपने विचार व्यक्त किए।
यह बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। सत्र के दौरान कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे। शून्यकाल के लिए 83 विषय सूचीबद्ध हैं।
सत्र के दौरान सरकार आगामी वित्तीय वर्ष का बजट प्रस्तुत करेगी, जिस पर विस्तृत चर्चा होगी। पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर सार्थक बहस की संभावना है। यह सत्र राज्य की नीतिगत दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

