मोहन सरकार की साख पर सवाल, मुलताई में धड़ल्ले से बिक रही शराब-मांस, हिंदू संगठनों का कड़ा विरोध एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
मुलताई।
मां ताप्ती की पावन नगरी एवं राज्य शासन द्वारा घोषित पवित्र नगरी मुलताई में अवैध रूप से संचालित शराब, मांस, मछली, मटन और अंडा बिक्री को लेकर शुक्रवार को बजरंग दल मुलताई व समस्त हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए और सवाल खड़ा किया कि आखिर काले कांच लगी गाड़ियों में चल रहा अवैध कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है?
ज्ञापन में बताया गया कि मां ताप्ती से मात्र 100 मीटर की दूरी पर अवैध अंडे की दुकान का संचालन किया जा रहा है, जो पवित्र नगरी के नियमों का खुला उल्लंघन है। वहीं मटन मार्केट क्षेत्र में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर एवं नागदेव मंदिर के आसपास, स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद मांस, मछली और मटन की दुकानें चोरी-छिपे संचालित की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

काले कांच लगी बोलेरो बनी अवैध शराब की पहचान
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि भले ही पवित्र नगरी मुलताई में शराब की दुकानें बंद हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार चरम पर है। खास तौर पर काले कांच लगी बोलेरो गाड़ियों के माध्यम से शराब की सप्लाई की जा रही है। संगठनों का कहना है कि बिना किसी मजबूत संरक्षण के यह कारोबार संभव नहीं, जिससे प्रशासनिक भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
7 से 15 दिन का अल्टीमेटम
बजरंग दल व हिंदू संगठनों ने एसडीएम से मांग की कि पवित्र नगरी मुलताई में मांस, मछली, मटन, अंडा और मदिरा की बिक्री पर तत्काल और सख्त प्रतिबंध लगाया जाए तथा अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई हो। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि 7 से 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो समस्त हिंदू संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बजरंग दल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पवित्र नगरी की मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रशासन कब और कितनी सख्ती से कार्रवाई करेगा, या फिर काले कांच का यह संरक्षण यूँ ही कानून को चकमा देता रहेगा।

