बैतूल। संवाददाता मनोहर अग्रवाल।
जिले के ठेसका गाँव में शनिवार को बाबा सुखलाल द्वारा विशेष आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण किया गया। बताया जाता है कि यह काढ़ा 251 दिव्य जड़ी-बूटियों के मिश्रण से तैयार किया जाता है, जिनमें से अधिकांश जड़ी-बूटियाँ ताप्ती नदी के किनारे और जंगलों में पाई जाती हैं। बाबा सुखलाल का दावा है कि यह काढ़ा कई असाध्य बीमारियों का समूल नाश करने में सक्षम है।
बाबा पिछले बीस वर्षों से इस काढ़े का निःशुल्क वितरण कर रहे हैं। उनका कहना है कि आधुनिक दवाइयों के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपचार भी स्वास्थ्य सुधार में प्रभावी साबित हो सकता है। उन्होंने ग्रामीणों को समझाते हुए बताया कि जड़ी-बूटियों में प्राकृतिक औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और काढ़ा प्राप्त किया। कई ग्रामीणों ने बताया कि वे वर्षों से बाबा द्वारा दिए गए काढ़े का सेवन कर रहे हैं और उन्हें इससे लाभ मिला है। कार्यक्रम के दौरान बाबा सुखलाल ने यह भी कहा कि प्रकृति ने हमें अनमोल धरोहर के रूप में जड़ी-बूटियाँ दी हैं, जिन्हें पहचान कर उपयोग में लाना जरूरी है।
ग्रामीणों ने बाबा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहाँ महंगी दवाइयाँ सबके लिए सुलभ नहीं हैं, वहाँ इस तरह के आयुर्वेदिक उपचार लोगों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।
