टाइम्स नाउ मध्यप्रदेश विशेष संवादाता मनोहर अग्रवाल बैतूल
बैतूल। आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले के लिए मेडिकल कॉलेज की सौगात स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लेकर आने वाली है। लगभग 18 लाख की आबादी वाले इस जिले में 10 विकासखंड और 7 आदिवासी विकासखंड शामिल हैं। वर्तमान में जिले में 01 जिला अस्पताल, 01 सिविल अस्पताल और 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से प्राथमिक और द्वितीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले में तृतीयक (Tertiary Care) स्तर की आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मेडिकल कॉलेज खुलने से जिले के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर के बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जटिल रोगों का इलाज अब स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा, जिससे मरीजों को समय, धन और मानसिक परेशानी से राहत मिलेगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, ट्रॉमा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया, टीबी, मलेरिया, सिकल सेल रोग, गैर-संचारी रोगों सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार में उल्लेखनीय सुधार होगा।
बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मेडिकल कॉलेज के माध्यम से जिले में विशेषज्ञ डॉक्टर, सुपर स्पेशलिस्ट और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उपलब्ध होगा। अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई और कैथ लैब की सुविधा मिलने से मरीजों को सटीक और त्वरित जांच का लाभ मिलेगा। जिला अस्पताल का उन्नयन मेडिकल कॉलेज से जुड़ने के बाद होगा, जिससे मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित की जा सकेंगी। साथ ही, मेडिकल कॉलेज परिसर में इलाज के दौरान मरीजों की मृत्यु को रोकने में भी मदद मिलेगी, जिससे ट्रांसपोर्ट डेथ की घटनाओं में कमी आएगी।
आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगा बढ़ावा मेडिकल कॉलेज के खुलने से जिले में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा कॉलेज से जुड़े अस्पताल, छात्रावास, कैंटीन, मेडिकल स्टोर और अन्य सेवाओं के कारण स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। शिक्षा और शोध का नया केंद्र मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा और शोध का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही जिले में मेडिकल की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। शोध और प्रशिक्षण गतिविधियों से जिले में चिकित्सा क्षेत्र की गुणवत्ता और स्तर में भी सुधार होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच मेडिकल कॉलेज के माध्यम से आयुष्मान योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क और सुलभ इलाज मिलेगा। साथ ही, जिले के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों तक यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। कुल मिलाकर, मेडिकल कॉलेज की स्थापना बैतूल जिले के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के नए द्वार|

