बैतूल में अब तक की सबसे बड़ी साइबर लूट का पर्दाफाश ₹9.84 करोड़ की हेराफेरी
धोखाधड़ी की राशि: ₹9,84,95,212 (करीब 9 करोड़ 84 लाख रुपये)।
पीड़ित: खेड़ीसावलीगढ़ निवासी मजदूर बिसराम इवने और 6 अन्य लोग (कुल 7 खाते)।
ठगी का तरीका: जन-धन खातों का दुरुपयोग, मृतक के खाते का भी इस्तेमाल, मोबाइल नंबर बदलकर OTP पर कब्जा करना।
गिरफ्तारी: तीन मुख्य आरोपी (राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत, और नरेंद्र सिंह राजपूत) गिरफ्तार।

बैतूल (बेतुल प्रतिनिधि रोहित देशमुख): मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सनसनीखेज मामला करीब ₹9.84 करोड़ की हेराफेरी से जुड़ा है, जिसमें ठगों ने आम मजदूरों और यहां तक कि एक मृतक व्यक्ति के बैंक खातों का दुरुपयोग किया।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब खेड़ीसावलीगढ़ निवासी मजदूर बिसराम इवने (40) ने कलेक्टर और एसपी कार्यालय में आवेदन दिया। बिसराम ने बताया कि बैंक में KYC कराने के दौरान उन्हें पता चला कि उनके जन-धन खाते से जून 2025 से लेकर अब तक ₹1.5 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन हो चुका है।
पुलिस और साइबर सेल ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो पता चला कि यह केवल एक खाता नहीं है, बल्कि एक ही बैंक के 7 खातों (बिसराम, नर्मदा, मुकेश, नितेश, अमोल, चंदन और मृतक राजेश बर्डे) को निशाना बनाया गया था। इन सभी 7 खातों से कुल ₹9,84,95,212 की हेराफेरी की गई।
ठगी का हाई-टेक तरीका
जाँच में साइबर गिरोह के काम करने का चौंकाने वाला तरीका सामने आया: जन-धन खातों का दुरुपयोग: आरोपियों ने गरीब मजदूरों के जन-धन खाते को लक्ष्य बनाया, जिनके खाताधारकों को खाते में हो रहे बड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं थी।
मृतक के खाते का इस्तेमाल: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि गिरोह ने मृतक राजेश बर्डे के खाते का भी सक्रिय रूप से इस्तेमाल किया। उन्होंने खाते में मोबाइल नंबर बदलकर नया एटीएम कार्ड जारी कराया, इंटरनेट बैंकिंग एक्टिव की, और फिर OTP पर कब्जा करके करोड़ों रुपये निकाले।
बड़े ट्रांजेक्शन: जून 2025 से शुरू हुई यह धोखाधड़ी लगातार जारी थी।
पुलिस की बड़ी सफलता पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों, जिनमें राजा उर्फ आयुष चौहान (निवासी खेड़ीसावलीगढ़), अंकित राजपूत (निवासी इंदौर), और नरेंद्र सिंह राजपूत (निवासी इंदौर) शामिल हैं, को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इन आरोपियों के नेटवर्क और इस ठगी के पैसे को आगे कहाँ ट्रांसफर किया गया, इसकी विस्तृत जांच कर रही है।

