विशेष खबर : टाइम्स नाउ मध्यप्रदेश संवादाता पियूष शर्मा मुलताई
मुल्ताई। लगातार हो रही बारिश और जिम्मेदारों की अनदेखी ने मुल्ताई क्षेत्र की सड़कों को तबाही की राह पर ला खड़ा किया है। शहर की प्रमुख सड़कें ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल को जोड़ने वाले मार्ग भी जर्जर हालत में हैं।

मुल्ताई को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाली मुख्य सड़क लगभग 1 किलोमीटर तक उखड़ी हुई है। पारेगांव जाने वाली सड़क भी खस्ताहाल है। मुल्ताई बस स्टैंड के पास पारेगांव रोड पर बने गहरे गड्ढों ने यात्रियों की आवाजाही मुश्किल कर दी है।
इसी तरह चालीसगांव को जोड़ने वाले पट्टन–मासौद मार्ग की हालत भी किसी से छिपी नहीं है। यहां सड़क की जगह अब गड्ढों का ही जाल नजर आता है। वहीं कोर्ट रोड और कम राइस विद्यालय के सामने का हिस्सा तो बारिश में कीचड़ से लथपथ रहता है, जिससे पैदल चलना भी चुनौती बन गया है।

सबसे गंभीर स्थिति ग्रामीण इलाकों की है। मुल्ताई क्षेत्र के ग्राम पोहर और सहनगांव के लोग वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। पंचायत चुनाव 2024 के दौरान 8 जुलाई को निर्वाचन अधिकारी और जनपद स्तर के अधिकारियों ने ग्रामीणों को रंगम–वामगांव से पोहर तथा हिवरखेड़–पोदरा–सहनगांव तक पक्की सड़क बनाने का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ।

