मुलताई में फर्जी नंबर प्लेट लगा डंपर पकड़ा गया, अंतरराज्यीय वाहन फर्जीवाड़े के संकेत चेसिस नंबर घिसा मिला, इंजन नंबर यूपी के वाहन से मिला
टाइम्स नाउ मध्य प्रदेश न्यूज़ डेस्क
सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और डंपर की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को डंपर के कागजात और भौतिक पहचान में गंभीर विसंगतियां मिलीं। डंपर के उस स्थान पर, जहां कंपनी द्वारा चेसिस नंबर अंकित किया जाता है, वहां नंबर को जानबूझकर घिसकर मिटाया गया था। इसके अतिरिक्त वाहन के अन्य हिस्से पर अलग चेसिस नंबर अंकित पाया गया। इंजन नंबर की ऑनलाइन जांच करने पर वह UP93 BT 0325 वाहन से मेल खाता पाया गया। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश में पंजीकृत डंपर को मध्यप्रदेश की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर न केवल चलाया जा रहा था, बल्कि उसे बेचने की भी तैयारी की जा रही थी। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार चेसिस नंबर मिटाना और इंजन नंबर के आधार पर पहचान बदलना संगठित अपराध की श्रेणी में आता है, जो आमतौर पर भारी वाहनों की चोरी या अवैध खरीद-फरोख्त में संलिप्त गिरोह द्वारा किया जाता है।

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा मुलताई | बैतूल। थाना मुलताई पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलाए जा रहे एक डंपर को पकड़ते हुए भारी वाहनों में चल रहे फर्जीवाड़े की गंभीर परतें उजागर की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों से यह मामला केवल एक वाहन तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय किसी बड़े वाहन चोरी या फर्जी रजिस्ट्रेशन नेटवर्क की ओर संकेत कर रहा है। दिनांक 14 दिसंबर 2025 को पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि मुलताई निवासी पूनम साहू एक डंपर को अपने घर के पास खड़ा किए हुए है, जिस पर मध्यप्रदेश की नंबर प्लेट MP48 ZD 2340 लगी हुई है, जबकि डंपर का वास्तविक पंजीयन उत्तर प्रदेश का बताया गया।
इस मामले में थाना मुलताई पुलिस ने अपराध क्रमांक 1138/25 के तहत धारा 318(3), 345(1), 347(1) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस ने इस प्रकरण में पूनम साहू पिता झनकलाल साहू (33 वर्ष), निवासी नेहरू वार्ड, मुलताई तथा मंशूर कुरैशी पिता नन्हे मियां (46 वर्ष), निवासी भोपाल को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू की है। डंपर को विधिवत रूप से जप्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान यह भी जांच की जा रही है कि उक्त डंपर कहां से लाया गया, किस माध्यम से उसका चेसिस बदला गया और क्या इससे जुड़े अन्य वाहन भी क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक सुशील धुर्वे, प्रधान आरक्षक गजराज, आरक्षक प्रिसं, आरक्षक अरविंद एवं आरक्षक विवेक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

